बरसे गुलाल रंग मोरेआंगनवा,अपने ही रंग में रंग देमोहे सजनवाहो देखो नाचे मोरा मनवाभांग के नशे में इतनाना मस्त हो जाओकि होली खेलने सेपहले ही पस्त होजाओज्यादा रंग लग जाएतो माफ करनामगर मेरे दोस्तकम से कम होली के दिनअपनी नाक जरूर साफकरनागों से खेलकर जब आप सामनेआएंगेलोग आपको ही देखते जाएंगेबस बच्चों के सामने मतआइएगावो बच्चे हैं, आपको देखकर डरजाएंगेकुछ लोग होली काबेसब्री से इंतजार करते हैंकरे भी क्यों ना, इसी बहानेतोवो साल में एक बार नहाते हैंमजाक के झूले में वह ऐसेझूल गएमजाक के झूले में वह ऐसेझूल गएमिठाईयां तो लाई होली केदिनमगर रंग लाना भूल गएमेरे रंग लगाने से तू क्योंभागता हैमेरे रंग लगानेे से तू क्योंभागता हैमेरे रंग लगाने के बहाने ही तोतू साल में एक बार नहाता हैHappyHoli!कुछ अलग सा रंगमेरे दोस्त के चेहरे पर छायाहैलगता है होली के बहानेठंड के बाद पहली बारनहाया हैहोली के दिन लोगभांग के नशे में ऐसे झूमतेहैंक्या बताऊं भाई साहबगंजे भी कंघा लिए घूमते हैंहोली के दिन भी लोगगलतहमियों के शिकारहो जाते हैंभांग समझकर ठंडाई पीजाते हैंमेरे रंगों से तुम कुछ यूंसजे जाओगेपास से बंदर और दूरसे गधे नजर आओगेहोली के दिनजोड़ियां भी खूबजमती हैहर भूत के साथ,एक भूतनी होतीहैरंगो में जब भी आप सजते हैंरंगो में जब भी आप सजते हैंकसम सेकुदरत का अनोखा नमूनालगते हैंवसंत ऋतु की बहार,चली पिचकारी उड़ाहै गुलाल,रंग बरसे नीले हरेलाल,फूलों ने खिलना छोड़ दियातारों ने चमकना छोड़ दियाहोली में बाकि है कई दिनफिर भी आपनेअभी से नहाना क्यों छोड़दिया।।बरसे गुलाल रंग मोरेआंगनवा,अपने ही रंग में रंग देमोहे सजनवाहो देखो नाचे मोरा मनवाभांग के नशे में इतनाना मस्त हो जाओकि होली खेलने सेपहले ही पस्त होजाओज्यादा रंग लग जाएतो माफ करनामगर मेरे दोस्तकम से कम होली के दिनअपनी नाक जरूर साफकरनागों से खेलकर जब आप सामनेआएंगेलोग आपको ही देखते जाएंगेबस बच्चों के सामने मतआइएगावो बच्चे हैं, आपको देखकर डरजाएंगेकुछ लोग होली काबेसब्री से इंतजार करते हैंकरे भी क्यों ना, इसी बहानेतोवो साल में एक बार नहाते हैंमजाक के झूले में वह ऐसेझूल गएमजाक के झूले में वह ऐसेझूल गएमिठाईयां तो लाई होली केदिनमगर रंग लाना भूल गएमेरे रंग लगाने से तू क्योंभागता हैमेरे रंग लगानेे से तू क्योंभागता हैमेरे रंग लगाने के बहाने ही तोतू साल में एक बार नहाता हैHappyHoli!कुछ अलग सा रंगमेरे दोस्त के चेहरे पर छायाहैलगता है होली के बहानेठंड के बाद पहली बारनहाया हैहोली के दिन लोगभांग के नशे में ऐसे झूमतेहैंक्या बताऊं भाई साहबगंजे भी कंघा लिए घूमते हैंहोली के दिन भी लोगगलतहमियों के शिकारहो जाते हैंभांग समझकर ठंडाई पीजाते हैंमेरे रंगों से तुम कुछ यूंसजे जाओगेपास से बंदर और दूरसे गधे नजर आओगेहोली के दिनजोड़ियां भी खूबजमती हैहर भूत के साथ,एक भूतनी होतीहैरंगो में जब भी आप सजते हैंरंगो में जब भी आप सजते हैंकसम सेकुदरत का अनोखा नमूनालगते हैंवसंत ऋतु की बहार,चली पिचकारी उड़ाहै गुलाल,रंग बरसे नीले हरेलाल,फूलों ने खिलना छोड़ दियातारों ने चमकना छोड़ दियाहोली में बाकि है कई दिनफिर भी आपनेअभी से नहाना क्यों छोड़दिया।।

होली मुबारक हो !! - Call List

(Print) Use this randomly generated list as your call list when playing the game. There is no need to say the BINGO column name. Place some kind of mark (like an X, a checkmark, a dot, tally mark, etc) on each cell as you announce it, to keep track. You can also cut out each item, place them in a bag and pull words from the bag.


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  1. बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा, अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनवा हो देखो नाचे मोरा मनवा
  2. भांग के नशे में इतना ना मस्त हो जाओ कि होली खेलने से पहले ही पस्त हो जाओ
  3. ज्यादा रंग लग जाए तो माफ करना मगर मेरे दोस्त कम से कम होली के दिन अपनी नाक जरूर साफ करना
  4. गों से खेलकर जब आप सामने आएंगे लोग आपको ही देखते जाएंगे बस बच्चों के सामने मत आइएगा वो बच्चे हैं, आपको देखकर डर जाएंगे
  5. कुछ लोग होली का बेसब्री से इंतजार करते हैं करे भी क्यों ना, इसी बहाने तो वो साल में एक बार नहाते हैं
  6. मजाक के झूले में वह ऐसे झूल गए मजाक के झूले में वह ऐसे झूल गए मिठाईयां तो लाई होली के दिन मगर रंग लाना भूल गए
  7. मेरे रंग लगाने से तू क्यों भागता है मेरे रंग लगानेे से तू क्यों भागता है मेरे रंग लगाने के बहाने ही तो तू साल में एक बार नहाता है
  8. Happy Holi!
  9. कुछ अलग सा रंग मेरे दोस्त के चेहरे पर छाया है लगता है होली के बहाने ठंड के बाद पहली बार नहाया है
  10. होली के दिन लोग भांग के नशे में ऐसे झूमते हैं क्या बताऊं भाई साहब गंजे भी कंघा लिए घूमते हैं
  11. होली के दिन भी लोग गलतहमियों के शिकार हो जाते हैं भांग समझकर ठंडाई पी जाते हैं
  12. मेरे रंगों से तुम कुछ यूं सजे जाओगे पास से बंदर और दूर से गधे नजर आओगे
  13. होली के दिन जोड़ियां भी खूब जमती है हर भूत के साथ, एक भूतनी होती है
  14. रंगो में जब भी आप सजते हैं रंगो में जब भी आप सजते हैं कसम से कुदरत का अनोखा नमूना लगते हैं
  15. वसंत ऋतु की बहार, चली पिचकारी उड़ा है गुलाल, रंग बरसे नीले हरे लाल,
  16. फूलों ने खिलना छोड़ दिया तारों ने चमकना छोड़ दिया होली में बाकि है कई दिन फिर भी आपने अभी से नहाना क्यों छोड़ दिया।।